फैराइजी विद्रोह क्या था |ferayzi vidroh kya tha ?
फैराइजी विद्रोह (1838-57) बंगाल के फरीदपुर में शरीयतुल्ला के विचारों से प्रभावित हो कर यह राजनैतिक, सामाजिक तथा धार्मिक परिवर्तन के इच्छुक थे। शरीयतुल्ला के पुत्र दुहू मियों ने जमींदारों तथा अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया। विद्रोह के दमन के बाद इसके अधिकांश अनुयायी वहावी आन्दोलन में शामिल हो गये। विशेष:- 1920 के पहले के विद्रोहों की विशेषता यह थी कि ये विद्रोह पूर्ण सांगठनिक नहीं थे और इनमें विचारधारा और नेतृत्व का भी अभाव था। ये लोग कृषक राजनैतिक चेतना से वाकिफ नहीं थे किन्तु 1920 के बाद के कृषक आन्दोलन इस चेतना से युक्त थे। इन्हें भी पढ़ें - प्रमुख राजवंश और उनके संस्थापक बाघ की गुफाएं तथा उनकी विशेषता भर्तृहरि की गुफाएं तथा उनकी विशेषता जबलपुर झण्डा सत्याग्रह (1923) क्या है? ग्वालियर का मंदिर स्थापत्य एवं उसकी विशेषताएं भरहुत स्तूप तथा उसकी विशेषताएं सांची स्तूप तथा उसकी विशेषताएं खजुराहो मंदिर एवं उसकी विशेषताएं मध्यप्रदेश के स्वतंत्रता संग्रम में तात्या टोपे (1814-1859) की भूमिका मध्यप्रदेश के पुरातात्विक स्थल मध्यप्रदेश के प्रमुख प्रचीन अभिलेख ...