मनुष्यों में होने वाले कुछ प्रमुख रोग | manushya main hone bale kuch pramukh rog
हेलो ! स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट पर दोस्तों उम्मीद आप सभी अपने-अपने क्षेत्र में बहुत अच्छा कर रहे होंगे ।
आज हम आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक लेकर आए हैं जो मध्यप्रदेश के विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं MPPSC , MPSI , VYAPAM , POLICE CONSTABLE , PATWARI , Teachers exams आदि के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस पोस्ट में आप पड़ेंगे "मनुष्यों में होने वाले कुछ अन्य रोग | manushya main hone bale kuch anya rog | "के बारे में इनसे मध्यप्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न बनते रहते हैं।
1. पक्षाघात या लकवा (Paralysis)
इस रोग में कुछ ही मिनटों में शरीर के आधे भाग को लकवा मार जाता है। जहाँ पक्षाघात होता है वहाँ की तंत्रिकाएँ निष्क्रिय हो जाती हैं। इसका कारण अधिक रक्त-दाब के कारण मस्तिष्क की कोई धमनी का फट जाना अथवा मस्तिष्क को अपर्याप्त रक्त की आपूर्ति होना है।
2. एलर्जी ( Allergy) :
कुछ वस्तु जैसे धूल, धुआँ, रसायन, कपड़ा, सर्दी, किन्हीं विशेष व्यक्तियों के लिए हानिकारक हो जाते हैं और उनके शरीर में विपरीत क्रिया होने लगती है, जिससे अनेक बीमारियाँ हो जाती हैं। खुजली, फोड़ा, फुन्सी, शरीर में सूजन आ जाना, काला दाग, एक्जिमा आदि एलर्जी के उदाहरण हैं।
3. सीजोफ्रीनिया (Schizophrenia):
यह मानसिक रोग है जो प्रायः युवा वर्ग में होता है। ऐसा रोगी कल्पना को ही सत्य समझता है, वास्तविकता को नहीं। ऐसे रोगी आलसी, अलगावहीन, आवेशहीन होते हैं। विद्युत् आक्षेप चिकित्सा इसमें काफी सहायक होती है।
4.मिर्गी (Epilepsy) :
इसे अपस्मार रोग कहते हैं। यह मस्तिष्क के आंतरिक रोगों के कारण होती है। इस रोग में जब दौरा पड़ता है, तो मुँह से झाग निकलता है और मल-पेशाब भी निकलता है।
5.डिप्लोपिया (Diplopia)
यह रोग आँख की मांसपेशियों के पक्षाघात (Paralysis) के कारण होती है।
6. कैंसर (Cancer):
मनुष्य के शरीर के किसी भी अंग में, त्वचा से लेकर अस्थि तक, यदि कोशिका वृद्धि अनियंत्रित हो, तो इसके परिणामस्वरूप कोशिकाओं में अनियमित गुच्छा बन जाता है, इन अनियमित कोशिकाओं के गुच्छे को कैंसर कहते हैं।
कैंसर को स्थापित होने में जो समय लगता है, उसे लैटेण्ड पीरियड कहते हैं। कीमोथरेपी कैंसर रोग के उपचार के लिए दी जाती है। उत्कृष्ट गैस रेडॉन कैंसर के इलाज में प्रयुक्त किया जाता है।
नोट: कीमोथैरेपी 'शब्द को वर्ष 2013 में पाऊल ऐहरलिच ने दिया जिन्हें आधुनिक रसोचिकित्सा का पिता कहा जाता है। बीमारी के उपचार में रसायन का उपयोग कीमोथैरेपी कहलाता है।
धन्यवाद ! अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा दोस्तों के साथ शेयर करके हमारा मोटिवेशन बढ़ाएं ताकि हम आपके लिए ऐसा ही इंपोर्टेंट कंटेंट लाते रहें ।
हम समय - समय पर मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों के महत्वपूर्ण स्टडी मटेरियल इस वेबसाइट पर उपलब्ध कराते हैं आप हमारी वेबसाइट विजिट करते रहें ताकि आपको बेहतर अध्ययन सामग्री प्राप्त होती रहे। आप हमारे साथ टेलीग्राम , फेसबुक जैसे अन्य माध्यमों से भी आप जुड़ सकते हैं ताकि आपको नए अपडेट्स मिलते रहें
Comments
Post a Comment