पहला संविधान संशोधन अधिनियम 1951| 1st constitution amendment act 1951|

पहला संविधान संशोधन अधिनियम 1951



- संपत्ति के अधिकार को सीमित करने के लिये अनुच्छेद 31 में दो नए खंड जोड़े गए 31क और 31ख जिसमें प्रावधान किया गया कि जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार आदि के पक्ष में बनाए गए किसी कानून को अनुच्छेद 14,19 या 31 के उल्लंघन के आधार पर अवैध नहीं ठहराया जा सकता।

- अनुच्छेद 31क के माध्यम से 9वीं अनुसूची जोड़ी गई जिसमें प्रावधान किया गया कि इस सूची में शामिल किसी भी विषय की न्यायालय द्वारा 'न्यायिक समीक्षा' नहीं की जा सकती है। 

-अनुच्छेद 15 में एक नया उपखंड 15 (4) जोड़ा गया जिसमें सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों और अनुसूचित 161 जातियों एवं अनुसूचित  जनजातियों के पक्ष में विशेष प्रावधान
करने के लिये राज्यों को शक्ति दी गई। 

-अनुच्छेद 19(2) में संशोधन करके अनुच्छेद 19(1)(क) में 'भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' पर तीन और प्रमुख कारणों से युक्ति-युक्त निर्बंधन लागू किये गए। इन प्रतिबंधों के निम्न आधार हैं-लोक व्यवस्था, अपराध-उद्दीपन तथा विदेशी राज्यों के साथ मैत्री पूर्ण संबंध।

-अनुच्छेद 19(6) में संशोधन करके अनुच्छेद 19(1)(छ) में दिये गए अधिकार पर दो नए युक्ति युक्त निर्बंधन आरोपित किये गए, जिसमें यह व्यवस्था की गई कि राज्य नागरिकों को व्यवसाय करने से पूर्णत: रोक सकता है और, दूसरा. किसी पद पर नियोजन के लिये उस पद की प्रकृति से संबंधित तकनीकी ज्ञान संबंधी, आर्हताएँ निर्धारित कर सकता है।




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