वित्तीय आपात के प्रभाव | vittiya apaat ke prabhav|
वित्तीय आपात के प्रभाव | vittiya apaat ke prabhav|
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वित्तीय आपात के प्रभाव
• केंद्र सरकार को अधिकार मिल जाता है कि वह किसी राज्य को वित्तीय औचित्य संबंधी सिद्धांतों का पालन करने के लिये निर्देश दे सके।
• राज्य सरकार से अपेक्षा की जा सकती है कि वह राज्य के अधीन सेवा करने वाले सभी या किसी वर्ग के व्यक्तियों के वेतन तथा भत्तों में कटौती करे।
• यह निर्देश भी दिया जा सकता है कि राज्य के विधानमंडल से पारित होने वाले सभी धन विधेयकों तथा अनुच्छेद 207 से संबंधित अन्य विधेयकों को राष्ट्रपति के विचार के लिये अनिवार्यतः आरक्षित किया जाए।
• राष्ट्रपति यह निर्देश भी दे सकता है कि वित्तीय आपात की उद्घोषणा के लागू रहने के दौरान केंद्र सरकार के सभी या किसी वर्ग के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में कटौती की जाए। यह कटौती सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के वेतन व भत्तों मैं भी की जा सकती है।
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