अलाउद्दीन खिलजी | allauddhin khilji |

अलाउद्दीन खिलजी  | allauddhin khilji |


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हम इस post मेें आपके लिए लेकर आए हैं अलाउद्दीन खिलजी  | allauddhin khilji |



           अलाउद्दीन खिलजी

          ( 1296 ई.-1316 ई.)


• अलाउद्दीन खिलजी का जन्म 1266-67 ई. में हुआ था, उसके पिता का नाम शिहाबुद्दीन खिलजी था, जो कि जलालुद्दीन फिरोज खिलजी का भाई था। पिता की अकाल मृत्यु हो जाने के उपरान्त उसके चाचा जलालुद्दीन फिरोज खिलजी ही उसकेसंरक्षक थे। बाल्यावस्था में नियमित शिक्षा के अभाव में यद्यपि अलाउदीन निरक्षर था, फिर भी वह अत्यन्त प्रतिभावान था। उसकी प्रतिभा से प्रभावित होकर जलालुद्दीन ने अपनी पुत्री का विवाह उससे किया था।

• 1290 ई. में जलालुद्दीन ने उसे 'अमीर-ए-तुनक' पद प्रदान किया।

• 1292 ई. में सुल्तान जलालुद्दीन की अनुमति से अलाउद्दीन ने भिलसा पर आक्रमण किया और अतुल धन सम्पदा को जीता।

• 1294 ई में अलाउद्दीन ने देवगिरि पर आक्रमण किया और सुल्तान जलालुद्दीन से छिपाकर अपार धन सम्पत्ति प्राप्त किया था।

• देवगिरि की विजय से अलाउद्दीन की सुल्तान बनने की इच्छा प्रबल हो उठी और उसने 19 जुलाई, 1296 ई. को धोखे से सुल्तान जलालुद्दीन की हत्या करके स्वयं सत्ता हस्तगत कर ली।

• 21 अक्टूबर, 1296 को अलाउद्दीन स्वयं को कड़ा मानकपुर में सुल्तान घोषित कर दिया और दिल्ली में बलबन के लाल महल में राज्याभिषेक किया गया।

• अलाउद्दीन की प्रारम्भिक इच्छा एक नवीन धर्म चलाने की तथा विश्वविजेता बनने की थी किन्तु काजी अलाउल्मुल्क के परामर्श से उसने इन दोनों योजनाओं को त्याग दिया।

• अलाउद्दीन का महान सेनापति मलिक काफूर गुजरात विजय के दौरान नुसरत खाँ | द्वारा 1000 दीनार में खरीदा गया, जिससे उसे 'हजारदीनारी' भी कहा जाता था। | 1. खिलजी का दक्षिण भारत पर प्रथम आक्रमण 1303 ई. में जूना व झज्जू ने बंगाल | उड़ीसा के मार्ग से तेलंगाना पर हुआ था। वारंगल में काकतीय शासक प्रताप रूद्रदेव ने अलाउद्दीन की सेना को हरा दिया था।

• 1310 ई. में तेलंगाना अभियान में वहाँ के शासक प्रताप रूद्रदेव द्वितीय ने मलिक काफूर को विश्व प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भेंट किया, जिसे काफूर ने अलाउद्दीन को भेंट कर दिया।

• अलाउद्दीन दिल्ली सल्तनत का प्रथम सुल्तान था जिसने दक्षिण भारत में वियज प्राप्त की थी। अलाउद्दीन के दक्षिण भारतीय अभियान का नेतृत्व सेनापति मलिक काफूर ने किया था। अलाउद्दीन खिलजी ने 1311 ई. को कुतुबमीनार के निकट उससे दोगुने आकार की एक मीनार बनवाने का कार्य प्रारम्भ किया था परन्तु वह उसे पूरा नहीं कर सका।

• सर्वप्रथम उलेमा वर्ग के प्रभाव तथा मार्ग प्रदर्शन से स्वतन्त्र होकर राज्य करने का श्रेय अलाउद्दीन को ही प्राप्त ह

• शासन काल मंगोलों के भयानक आक्रमणों के लिए भी विख्यात है। मंगोलों से निपटने के लिए अलाउद्दीन ने बलबन की लौह व रक्त को नीति अपनायी गयी थी।

• अलाउद्दीन ने अलाई दरवाजा, हौजखास, सीरी फोर्ट, जमात खाना मस्जिद का निर्माण करवाया। मंगोल आक्रमण से सुरक्षा हेतु 1304 ई. में दिल्ली में सिरी को राजधानी बनायी तथा किलेबंदी करायी गयी। उसने अपने सेनापति गाजी मलिक द्वारा उत्तर-पश्चिमी सीमा को मजबूती प्रदान करायी। उसने सिकन्दर-ए-सानी खिताब प्राप्त किया।



 
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