39वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1975| 39th constitution amendament act 1975|
39वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1975
संसद को राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के निर्वाचन के संबंध में विधि बनाने की शक्ति देकर यह सुनिश्चित किया गया कि संसद द्वारा इस संबंध में बनायी गई विधि और उस विधि के तहत किसी प्राधिकारी अथवा निकाय द्वारा लिये गये निर्णय को न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जा सकेगा और न ही इसकी न्यायिक समीक्षा की जा सकेगी।
राष्ट्रपति अथवा उपराष्ट्रपति दोनों के निर्वाचनों को शून्य घोषित किये जाने के बाद भी उनके द्वारा अपने पदों पर रहते हुए किये गए कार्य अमान्य नहीं होंगे।
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