बंगाल का पाल वंश का इतिहास क्या था ?| bangal ka paal vansh ka itihaash kya tha | paal vansh |
हेलो, दोस्तों स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट पर यहां आपको सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पीडीएफ नोट्स, स्टेटिक जीके और करेंट अफेयर्स जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है । हम अपने इस ब्लॉग के माध्यम से आपको विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषयों एवं ऐसे टॉपिक्स जिनके नोट्स आसानी से उपलब्ध नहीं होते उन्हें उपलब्ध कराते हैं । बंगाल का पाल वंश शशांक की मृत्यु के पश्चात् लगभग एक शताब्दी तक बंगाल में अराजकता व अव्यवस्था का वातावरण व्याप्त था। 8वीं शताब्दी के मध्य अशांति व अव्यवस्था से ग्रसित बंगाल के नागरिकों ने गोपाल नामक एक सुयोग्य सेनानायक को अपना राजा बनाया। प्रमुख शासक शासकों के तिथि का निर्धारण इतिहासकार रमेशचन्द्र मजूमदार के अनुसार निम्नवत् है । गोपाल प्रथम (750-770 ई.) पाल वंश की स्थापना बौद्ध धर्म के अनुयायी गोपाल ने की थी। तिब्बती लामा व इतिहासकार तारानाथ के अनुसार गोपाल ने ओदंतपुरी में एक मठ का निर्माण करवाया था। 8वीं शताब्दी में बंगाल में जो आंतरिक अव्यवस्था फैली हुई थी उसे मत्य न्याय कहा गया है। मत्स्य न्याय से छुटकारा पाने के ...