जलीय चक्र (Hydrological cycle ) क्या है ?| jaliy chakra kya hai ?
जलीय चक्र (Hydrological cycle ) क्या है ?| jaliy chakra kya hai ?
हेलो, दोस्तों स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट पर यहां आपको सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पीडीएफ नोट्स, स्टेटिक जीके और करेंट अफेयर्स जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है ।
हम अपने इस ब्लॉग के माध्यम से आपको विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषयों एवं ऐसे टॉपिक्स जिनके नोट्स आसानी से उपलब्ध नहीं होते उन्हें उपलब्ध कराते हैं ।
हम इस post मेें आपके लिए लेकर आए हैं जलीय चक्र (Hydrological cycle ) क्या है ?| jaliy chakra kya hai ?
• जलीय चक्र (Hydrological cycle )
वायुमंडलीय आर्द्रता का निरंतर आदान प्रदान होता रहता क्योंकि वाष्पीकरण और वाष्पोत्सर्जन की क्रियाएं जल को वाष्प में एवं संघनन की क्रियाएं वाष्प को जल में बदलती रहती है। जल वाष्प के इस आदान प्रदान को जलीय चक्र कहते हैं। जलीय चक्र को मुख्य रूप से तीन अवस्थाओं में विभक्त किया जाता है
1. वाष्पीकरण (Evoporization)
2. संघनन (Condensation)
3. वर्षण (Precipitation)
वाष्पीकरण (Evoporization) कें द्वारा जलाशयों का जल गैस अवस्था अथवा जल वाष्प में बदल जाती है। संघनन (Condensation) के द्वारा अदृश्य जलवाष्प सूक्ष्म जलकणों में और बूंदों में बदलकर वायुमंडल में ही बनी रहती है। यही जलवाष्प वर्षा द्वारा पानी और बर्फ के रूप में पुनः धरातल पर आ जाती है। नदियों, हिमानियों तथा भूमिगत जल द्वारा इसे पुनः समुद्रों में एकत्र कर दिया जाता है।
'जलीय चक्र में वायुराशियों का भी विशेष महत्व होता है। स्थानीय वर्षा के लिए ये राशियाँ कारक के रूप में कार्य करती चूंकि महासागरों पर होने वाला वाष्पीकरण महासागरीय वायुराशियों के द्वारा महाद्वीपों के आंतरिक भागों में प्रवेश कर जाता है जैसे मध्य अक्षांशों में उष्णकटिबंधीय आर्द्र सागरीय वायुराशियां ध्रुवों की ओर प्रवाहित होकर ठंडी होती हैं और वर्षा करती हैं जब ये ध्रुवों के समीप पहुँच जाती हैं तो शुष्क शीतल महाद्वीपीय वायुराशि में बदल जाती है।
इसके विपरीत जब ध्रुवीय महाद्वीपीय वायुराशियाँ जब भूमध्य रेखा की ओर प्रवाहित होती हैं तो धरातल से होने वाले व्यीकरण को अवशोषित कर लेती हैं और गर्म आर्द्र उष्णकटिबंधीय वायुराशि में बदल जाती हैं यह वायुराशियाँ भी जलीय चक्र पूर्ण करने में उतनी ही सहायक हैं जितनी नदियाँ, हिमानियाँ, जलाशय आदि से बड़ी मात्रा में जलवाष्प को महाद्वीपों की ले जाती हैं, इस कार्य में महत्ता शुष्क ध्रुवीय वायुराशियों की होती है।
धन्यवाद ! अगर आपको पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि उन्हें भी इस पोस्ट से सहायता मिल सके ।
आप हमारे साथ निम्न माध्यमों से जुड़ सकते हैं -
• सामान्य ज्ञान के टॉपिक विषय बार :
• राज्यव्यवस्था (Polity) -
🔹राष्ट्रपति से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
🔹उपराष्ट्रपति से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
🔹राज्यपाल से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
🔹राजभाषा से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
🔹संसद से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
🔹भारतीय संविधान के प्रमुख संशोधन
🔹भारतीय संविधान के विदेशी श्रोत
🔹सभी राज्यों के स्थापना दिवस | GK Facts
• इतिहास ( History )-
🔹प्रमुख राजवंश और उनके संस्थापक
🔹मुगलकालीन स्थापत्य (इमारतें) और उनके निर्माता शासक
🔹भारत के प्रमुख गुप्तकालीन मंदिर
🔹मध्यकालीन भारत की प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक
🔹महत्वपूर्ण नारे | important slogans
🔹1857 ई. के क्रांति से सम्बंधित महत्वपूर्ण
🔹स्वतंत्रता संघर्ष से संबंधित प्रमुख तथ्य
🔹इतिहास के प्रमुख युद्ध | Important wars
🔹भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम से सबंधित प्रमुख तथ्य
🔹जैन धर्म से संबंधित प्रमुख तथ्य । Important facts of Jainism
🔹प्रमुख ऐतिहासिक संस्थाएं और उनके संस्थापक
🔹हड़प्पा / सिन्धु घाटी सभ्यता के 50 महत्वपूर्ण तथ्य
• भूगोल (Geography)-
🔹प्रमुख रेखाएं । प्रमुख विभाजक रेखाएं
🔹भारत के राष्ट्रीय उद्यान राज्य वाइज
🔹विभिन्न स्टेशनों और हवाई अड्डों परिवर्तित नाम । Changed Name of stations &Airports
🔹विश्व के प्रमुख देशों की राजधानी
🔹भारत के प्रमुख बांध एवं नदी परियोजनाएँ
🔹प्रमुख उत्पादन क्रान्तियाँ | Important Agricultural Revolutions
🔹भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों की राज्यवार सूची
• कंप्यूटर -
•Top Most 50 Computer Gk Facts
• विज्ञान (Science) -
🔹भारत के प्रमुख अनुसंधान संस्थान
🔹मानव शरीर में तत्वों की मात्रा
🔹प्रमुख आविष्कार एवं आविष्कारक
• अन्य विषय -
भारत सामान्य परिचय ।। Important Facts of india
🔹पंचवर्षीय योजनाएं तथा सम्बन्धित महत्वपूर्ण तथ्य
Comments
Post a Comment