पुलिस सुधार से संबंधित समितियाँ एवं निर्देश | police sudhar se sambhandhit samitiyaan or nirdesh |
पुलिस सुधार से संबंधित समितियाँ एवं निर्देश | police sudhar se sambhandhit samitiyaan or nirdesh |
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पुलिस सुधार से संबंधित समितियाँ एवं निर्देश
• आपातकाल के बाद मोरारजी देसाई सरकार ने डॉ. धर्मवीर की अध्यक्षता में पुलिस आयोग (राष्ट्रीय पुलिस आयोग) का गठन किया जिसने आठ हिस्सों में पुलिस सुधार से संबंधित विस्तृत सिफारिशें पेश की हैं। हालाँकि, राजनीतिक अनिच्छा की वजह से ये सिफारिशें लागू नहीं हो सकीं।
• इसके बाद भी पुलिस सुधार के विभिन्न पहलुओं के लिये कई समितियाँ बनीं जिनमें पुलिस प्रशिक्षण के लिये गोर समिति (1971-73); पुलिस सुधारों पर राइबेरो समिति (1998), पद्मनाभैया समिति (2000). राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंत्री समूह तथा पुलिस सुधार पर सोली सोराबजी समिति आदि प्रमुख हैं।
• सुप्रीम कोर्ट ने 'प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में पुलिस सुधारों पर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किये। इन दिशा-निर्देशों के प्रमुख बिंदु निम्न हैं
• हर राज्य में एक राज्य सुरक्षा आयोग का गठन हो जिससे राज्य सरकार पुलिस पर अनावश्यक दबाव न बना सके। साथ ही, व्यापक नीतिगत दिशा-निर्देश तैयार हो सके और राज्य पुलिस के प्रदर्शनका मूल्यांकन हो सके।
• यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यरत पुलिस अधिकारियों [जिनमें ज़िला का प्रभारी पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी (एस.एच. ओ.) भी शामिल हैं] का कार्यकाल न्यूनतम दो वर्षों का हो ।
• पुलिस के आपराधिक जाँच और अभियोजन कार्य को कानून और व्यवस्था लागू करने के दायित्व से अलग करना भी जरूरी।
• उप पुलिस अधीक्षक के पद से नीचे के अधिकारियों के तबादले, नियुक्ति, प्रोन्नति और अन्य सेवा आधारित मामलों के लिये पुलिस इस्टैब्लिशमेंट बोर्ड (पीईबी) की स्थापना की जाए।
• आम लोगों की ओर से उप पुलिस अधीक्षक पद से ऊपर के पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध दुर्व्यवहार, हिरासत में मौत अथवा बलात्कार जैसी गंभीर शिकायतें आने पर जाँच के लिये राज्य स्तर पर और उपरोक्त पद से नीचे के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों के लिये जिला स्तर पर पुलिस शिकायत प्राधिकरण (Police Complaints Authority PCA) की स्थापना की जाए।
• केंद्रीय पुलिस संस्थाओं के प्रमुखों के चयन और उनकी नियुक्ति के लिये एक पैनल का गठन करने के उद्देश्य से एक राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग (National Security Commission) का गठन किया जाए, जिसका न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष हो।
• हालाँकि, सर्वोच्च न्यायालय के इस दिशा-निर्देश को कुछ राज्यों ने लागू करने में अपनी असमर्थता जताई तथा इसके विरुद्ध पुनर्विचार याचिकाएँ भी दायर कीं, लेकिन न्यायालय ने इन याचिकाओं को खारिज कर दिया।
● वर्तमान स्थिति यह है कि अधिकांश राज्य इनका पालन नहीं करते एवं जिन कुछ राज्यों ने नए पुलिस कानूनों को पारित किया है, उनमें भी न्यायालय के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई है।
- भारतीय संविधान के विदेशी श्रोत
- भारतीय संविधान के प्रमुख संशोधन
- राष्ट्रपति से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
- उपराष्ट्रपति से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
- राज्यपाल से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
- जबलपुर झण्डा सत्याग्रह (1923) क्या है?
- राजभाषा से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
- संसद से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
- सभी राज्यों के स्थापना दिवस
- मध्यप्रदेश के स्वतंत्रता संग्रम में तात्या टोपे (1814-1859) की भूमिका
- मध्यप्रदेश के प्रमुख सत्याग्रह
- मध्यप्रदेश के 1857की क्रांति के प्रमुख सेनानी
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