दक्कन कृषक विद्रोह क्या थे | दक्कन कृषक विद्रोह पर टिप्पणी लिखिए |dakkan krashak vidroh |

दक्कन कृषक विद्रोह


दक्कन क्षेत्र में रैय्यतवाडी व्यवस्था के तहत लगान दर अत्यधिक बनी हुई थी। 1860 के दशक में अमेरिकी गृह युद्ध के कारण उत्तरी अमेरिका को द० अमेरिका से होने वाली कपास की आपूर्ति प्रभावित हुई और यहाँ की अनुकूल जलवायु के कारण अंग्रेजों ने उसका विकल्प भारत में तलाशा।

1864 में अमेरिकी गृह युद्ध समाप्त होने से यहाँ कपास की मांग घट गई यहाँ के किसान प्रतिकूल स्थितियों में आ गये इसका लाभ उठाकर साहूकारों ने रूकमो (ऋणबंध पत्र) तथा रेहन (गिरवी) द्वारा उनकी संपत्ति पर
कब्जा कर लिया।1874 में शिरूर तालुका से आरम्भ यह विद्रोह 1875 तक काफी व्यापक हो गया और साहूकारों व पारम्परिक पटेलों के विरुद्ध यह हिंसात्मक भी होता गया।

इसकी भीषणता देखते हुए सरकार ने 1879 का दक्कन कृषक राहत अधिनियम पारित किया।
इन्हें भी पढ़ें - 

महत्वपूर्ण विविध Gk Topics for MPPSC Pre 2021

धन्यवाद ! अगर आपको पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि उन्हें भी इस पोस्ट से सहायता मिल सके ।

आप हमारे साथ विभिन्न सोशल साइट्स पर नीचे दिए लिंक के माध्यम से जुड़ सकते हैं ।

हमारे साथ जुड़ें -

  Subscribe Our Youtube channel

  Follow us on Facebook 

  Follow us on Instagram 

  Join Our Telegram channe

Comments

Popular Posts