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अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह| andmaan nikobar dveep samuh |

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह

सुनामी किसे कहते है? सुनामी के प्रकार एवं कारणों को समझाइए ।

हेलो, दोस्तों स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट पर यहां आपको सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पीडीएफ नोट्स, स्टेटिक जीके और करेंट अफेयर्स जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है । हम अपने इस ब्लॉग के माध्यम से आपको विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषयों एवं ऐसे टॉपिक्स जिनके नोट्स आसानी से उपलब्ध नहीं होते उन्हें उपलब्ध कराते हैं । सुनामी किसे कहते है? सुनामी के प्रकार एवं   कारणों को समझाइए ।

संविधान संशोधन प्रक्रिया की आलोचना लिखिए | samvidhan sansodhan prikriya ki alochana kijiye |

संविधान संशोधन प्रक्रिया की आलोचना

16वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1963 | 16th constitution amendament act 1963 |

16वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1963

26वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1971 | 26th constitution amendament 1971|

26वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1971 

25वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1971 | 25th constitution amendament act 1971|

25वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1971

52वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1985 | 52th constitution amendament act 1985 |

52वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1985 

38वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1975| 38th constitution amendament act 1975|

38वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1975 

7वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1956| 7th constitution amendment act 1956|

7वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1956

तेभागा आन्दोलन क्या था समझाइये |

तेभागा आन्दोलन

संन्यासी विद्रोह और एका आन्दोलन क्या थे| sanyashi vidroh | eka andolan |

संन्यासी विद्रोह

भू-राजस्व व्यवस्था क्या थी समझाइये | भू-राजस्व व्यवस्था| bhurajsav vyavastha |

हेलो, दोस्तों स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट पर यहां आपको सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पीडीएफ नोट्स, स्टेटिक जीके और करेंट अफेयर्स जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है । हम अपने इस ब्लॉग के माध्यम से आपको विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषयों एवं ऐसे टॉपिक्स जिनके नोट्स आसानी से उपलब्ध नहीं होते उन्हें उपलब्ध कराते हैं । भू-राजस्व व्यवस्था

जमींदारी व्यवस्था क्या थी समझाइये | जमींदारी व्यवस्था | jamidari vyvastha |

जमींदारी व्यवस्था  

अवध किसान सभा क्या थी | avadh kishan sabha kya thi ?

हेलो, दोस्तों स्वागत है आपका हमारी वेबसाइट पर यहां आपको सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पीडीएफ नोट्स, स्टेटिक जीके और करेंट अफेयर्स जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है । हम अपने इस ब्लॉग के माध्यम से आपको विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषयों एवं ऐसे टॉपिक्स जिनके नोट्स आसानी से उपलब्ध नहीं होते उन्हें उपलब्ध कराते हैं । अवध किसान सभा यहाँ किसानों के असंतोष का मुख्य कारण तालुकदारों को व्यवहार था। 1856 तक ये लोग सिर्फ लगान में एक हिस्सा प्राप्त करते थे किन्तु अब वे जमीन के मालिक बन गये। 1918 में मालवीय, इंद्रनारायण द्विवेदी, गौरी शंकर मिश्र ने उ०प्र० किसान सभा का गठन किया जिसे जवाहरलाल नेहरू का समर्थन प्राप्त था। - 1919 में प्रतापगढ़ के समीपवर्ती क्षेत्रों में नाई धोबी बंद - आंदोलन लोकप्रिय हुआ। रामचन्द्र मूलतः यह मराठी ब्राह्मण थे। इन्हें अवध का गांधी भी कहा गया। स्थानीय किसानों की दुर्दशा देखते हुए किसानों का नेतृत्व संभाला। प्रतापगढ़ व जौनपुर के किसानों का नेतृत्व करते हुए इलाहाबाद गये जहाँ उनकी सार्थक मुलाकात जवाहरलाल नेहरू व गौरीशं...

मध्य प्रदेश के प्रमुख जलप्रपात | madhay pradesh ke pramukh jalprapaat | main waterfalls in mp |

मध्य प्रदेश के प्रमुख जलप्रपात

नील विद्रोह क्या था ?| नील विद्रोह पर टिप्पणी लिखिए | neel vidroh kya tha |

नील विद्रोह (1859-60) इसका मुख्य कारण पूर्वी भारत में यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा नील उत्पादन हेतु किसानों को विवश करना था। 1860 में नादिया जिले के गोविन्दपुर गांव से नील विद्रोह प्रारम्भ हुआ और शीघ्र ही इसने पूरे बंगाल को अपने आगोश में ले लिया।  'हिन्दू पैट्रियाट' के संपादक हरिश्चन्द्र मुखर्जी ने विशिष्ट भूमिका निभाई। इसका नेतृत्व दिगम्बर व विष्णु विश्वास ने किया। दीन बंधु मित्र ने नील दर्पण, नामक नाटक की रचना कर कृषकों के उत्पीड़न को सजीव ढंग से चित्रित किया।

फैराइजी विद्रोह क्या था |ferayzi vidroh kya tha ?

फैराइजी विद्रोह (1838-57) बंगाल के फरीदपुर में शरीयतुल्ला के विचारों से प्रभावित हो कर यह राजनैतिक, सामाजिक तथा धार्मिक परिवर्तन के इच्छुक थे। शरीयतुल्ला के पुत्र दुहू मियों ने जमींदारों तथा अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया। विद्रोह के दमन के बाद इसके अधिकांश अनुयायी वहावी आन्दोलन में शामिल हो गये। विशेष:- 1920 के पहले के विद्रोहों की विशेषता यह थी कि ये विद्रोह पूर्ण सांगठनिक नहीं थे और इनमें विचारधारा और नेतृत्व का भी अभाव था। ये लोग कृषक राजनैतिक चेतना से वाकिफ नहीं थे किन्तु 1920 के बाद के कृषक आन्दोलन इस चेतना से युक्त थे। इन्हें भी पढ़ें -  प्रमुख राजवंश और उनके संस्थापक बाघ की गुफाएं तथा उनकी विशेषता भर्तृहरि की गुफाएं तथा उनकी विशेषता जबलपुर झण्डा सत्याग्रह (1923) क्या है? ग्वालियर का मंदिर स्थापत्य एवं उसकी विशेषताएं भरहुत स्तूप तथा उसकी विशेषताएं सांची स्तूप तथा उसकी विशेषताएं   खजुराहो मंदिर एवं उसकी विशेषताएं मध्यप्रदेश के स्वतंत्रता संग्रम में तात्या टोपे (1814-1859) की भूमिका   मध्यप्रदेश के पुरातात्विक स्थल   मध्यप्रदेश के प्रमुख प्रचीन अभिलेख ...

पाइक विद्रोह क्या था| पागलपंथी विद्रोह क्या था ?|

मध्य प्रदेश की प्रमुख झील और तालाब | madhy pradesh ki pramukh jheel or talav

मध्य प्रदेश की प्रमुख झील और तालाव 1.भोजताल • भोजताल भोपाल शहर में स्थित मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी झील है • मार्च 2011 तक झील को अपर झील या बड़ा तालाब के रूप में जाना जाता था, राजा भोज के सम्मान में इसका नाम बदलकर भोजताल कर दिया गया । • भोपाल को झीलों की नगरी के रूप में स्थापित करने के लिए झील पर एक स्तंभ पर तलवार के साथ खड़ी राजा भोज की एक विशाल मूर्ति भी स्थापित की गई थी । • यह 2002 से रामसर भूमि (आद्र भूमि) क्षेत्र में शामिल हैं। 2• लाखा बंजारा झील- • लाखा बंजारा झील बुंदेलखंड क्षेत्र में सागर शहर में स्थित हैं। • इसे सागर झील भी कहा जाता है । 3.लोक पाल सागर - • पन्ना के राजा लोक पाल सिंह (1893-97 ई.) ने अपने नाम पर 'लोकपाल सागर' तालाब का निर्माण कराया था। इससे 500 हेक्टेयर से अधिक की कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है।ग्वाल सागर • टीकमगढ़ जिले में स्थित है। • इसका निर्माण चन्देल राजा मदनवर्मा ( 1030-1165 ई.) ने कराया था।  4.धरम सागर- • पन्ना नगर में स्थित है। • मदारशाह धार्मिक सूफी सन्त की स्मृति में ही यह धरम सागर तालाब बनवाया गया था 5.मुंज सागर झील- • जिले के मांडू में ...

दक्कन कृषक विद्रोह क्या थे | दक्कन कृषक विद्रोह पर टिप्पणी लिखिए |dakkan krashak vidroh |

दक्कन कृषक विद्रोह दक्कन क्षेत्र में रैय्यतवाडी व्यवस्था के तहत लगान दर अत्यधिक बनी हुई थी। 1860 के दशक में अमेरिकी गृह युद्ध के कारण उत्तरी अमेरिका को द० अमेरिका से होने वाली कपास की आपूर्ति प्रभावित हुई और यहाँ की अनुकूल जलवायु के कारण अंग्रेजों ने उसका विकल्प भारत में तलाशा। 1864 में अमेरिकी गृह युद्ध समाप्त होने से यहाँ कपास की मांग घट गई यहाँ के किसान प्रतिकूल स्थितियों में आ गये इसका लाभ उठाकर साहूकारों ने रूकमो (ऋणबंध पत्र) तथा रेहन (गिरवी) द्वारा उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया।1874 में शिरूर तालुका से आरम्भ यह विद्रोह 1875 तक काफी व्यापक हो गया और साहूकारों व पारम्परिक पटेलों के विरुद्ध यह हिंसात्मक भी होता गया। इसकी भीषणता देखते हुए सरकार ने 1879 का दक्कन कृषक राहत अधिनियम पारित किया।