सुनामी किसे कहते है? सुनामी के प्रकार एवं कारणों को समझाइए ।


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सुनामी किसे कहते है? सुनामी के प्रकार एवं कारणों को समझाइए ।



सुनामी शब्द जापानी भाषा के 'सु' तथा 'नामी' से लिया गया है जिसमें 'सु' का शाब्दिक अर्थ समुद्र तट या बंदरगाह और 'नामी' का अर्थ तरंग या लहर से है। इस प्रकार सुनामी का अर्थ 'बंदरगाह तरंग' है। सुनामी शब्द का प्रयोग उन जापानी मछुआरों द्वारा किया गया था। जिन्होंने सुनामी के परिणामों को पहली बार महसूस किया था।

सुनामी, समुद्र तल में होने वाली आंतरिक उथल-पुथल का कारण हैं जिसमें महासागरीय लहरें समुद्र से उठकर आस-पास के क्षेत्रों को तबाह कर देती हैं। सुनामी एक बहुत विनाशकारी आपदा है जिसके प्रभाव से जन-धन को हानि होती हैं।

सुनामी के प्रकार

सुनामी तीन प्रकार की होती हैं-

1. दूरस्थ सुनामी - यह दूर और लंबे समय में उत्पन्न होने वाली सुनामी होती है।

2. क्षेत्रीय सुनामी- यह अपने स्थान से दूर के क्षेत्रों में एक से तीन घंटों के दौरान उत्पन्न होने वाली सुनामी है।

3. स्थानीय सुनामी -  यह अपने स्थान से बहुत पास के क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली सुनामी है। इस प्रकार की सुनामी अत्यन्त खतरनाक होती है जो कुछ मिनटों में अपना रूप ले लेती है।

सुनामी के प्रमुख कारणों की चर्चा- 

1.समुद्र की आंतरिक उथल-पुथल- सुनामी का प्रमुख कारण समुद्र के अंदर होने वाली तीव्र हलचल है। समुद्र के अंदर तीव्र उथल-पुथल समुद्र प्लेटों के खिसकने या स्थान परिवर्तन करने से होता है जिसके परिणामस्वरूप सुनामी आती है।

2.भूकम्प - महासागरों में सुनामी अधिकांशतः भूकम्प के कारण ही उत्पन्न होते हैं। महासागरीय तल पर तेज भूकम्प आने के बाद सागरों के भीतर तेज उथल-पुथल होने लगती है जिससे महासागर का जल तेज और बड़ी लहरें उत्पन करने लगता है।

3. ज्वालामुखी विस्फोट- महासागरों के आस-पास के क्षेत्रों में ज्वालामुखी विस्फोट के कारण भी सुनामी उत्पन्न होने का खतरा रहता हैं। ज्वालामुखी विस्फोट होने से समुद्र में तेजी से हलचल होने लगती है जिससे बड़ी-बड़ी लहरें उत्पन्न होती है और इन लहरों का विशाल रूप सुनामी का रूप धारण लेता हैं। से आने वाली सुनामी बहुत भयानक हो सकती है परन्तु ज्वालामुखी के कारण उत्पन्न सुनामी का प्रतिशत बहुत कम रहता हैं।

4. भू-स्खलन - भू-स्खलन भी सुनामी का कारण होता है। समुद्र की खाईयों के निकट की स्थलाकृति बहुत खड़ी होती है और जब समुद्र के भीतर भू-स्खलन उत्पन्न होता है तो यह स्थलाकृति गुरुत्वाकर्षण बल के कारण गिरने लगती है। समुद्र के भीतर होने वाला यहभू-स्खलन इतना तीव्र और विशाल होता है कि सुनामी का कारण बन जाता है। 
5. धूमकेतु एवं क्षुद्रग्रह - घूमकेतु और क्षुद्रग्रह भी सुनामी का कारण हो सकते है। धूमकेतु व क्षुद्रग्रह वायुमंडल मे प्रवेश करते समय जब समुद्र तल में टकराते है तो इससे समुद्र के भीतर बहुत तेज हलचल उत्पन्न होने लगती है और समुद्र जल ऊपर की ओर बड़ी-बड़ी लहरों के रूप में ऊपर उठने लगता हैं। समुद्र से उत्पन्न ये बड़ी लहरें ही सुनामी कहलाती है।



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